CM बनते ही नायक वाला एक्शन, धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बंद और खुले में मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर बैन 

मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 13 दिसंबर बुधवार को शपथ ग्रहण कर राज्य की कमान संभालने के लिए काम शुरू कर दिया है। बतोर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सबसे पहला काम प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर बजने वाले लाउडस्पीकर पर प्रतिबन्ध लगाने और खुले में मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर किया। 

कैबिनेट की बैठक में सीएम मोहन यादव ने धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरों के प्रतिबंध और खुले में मीट आदि के फैसले के साथ और भी कई मुद्दे पर फैसला लेकर मोहर लगाई। सीएम मोहन यादव ने शिक्षा संबंधित भी कई फैसला लेते हुए कहा कि छात्रों की डिग्री और मार्कशीट के लिए डिजिलॉकर की सुविधा आरंभ की जाएगी। 

बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में मोहन यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में पीएम एक्सीलेंस कॉलेज बनाये जाएंगे। प्राप्त  रिपोर्ट के मुताबिक मोहन यादव ने अपराध पर नियंत्रण करने के लिए आदतन अपराधियों की जमानत निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। 

सीएम बनते ही मोहन यादव के बड़े बयान  

मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार 13 अप्रैल को शपथ ग्रहण करते ही एक्शन मोड में आ गए हैं। सीएम बनने पर सबसे पहला फैसला प्रदेश में सार्वजनिक एवज धार्मिक स्थल पर बजने वाले लाउडस्पीकर पर रोक लगाने और खुले में मांस, मछली की बिक्री पर लिया। वही मोहन यादव ने अन्य दो विषयों पर चर्चा करते हुए कहा कि युवाओं की डिग्री और मार्कशीट के लिए डिजिलॉकर की सुविधा आरंभ की जाएगी। 

धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर पर रोक 

 मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकर पर रोक लगाने के फैसले पर मोहर लगाई और प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस प्रतिबंध के फैसले के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रण में रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है जिसके अनुसार निर्धारित समय सीमा पर ही कम आवाज में लाउडस्पीकर का उपयोग किया जाएगा। 

खुले में मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर बैन 

वही अन्य घोषणाओं के साथ CM मोहन यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा करते हुए बताया की प्रदेश में फूड सेफ्टी नियमों को लागू किया जाएगा जिसके अनुसार खुले में मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाएगा इसके साथ ही उन्होंने कहा मांसाहारी व्यंजनों की बिक्री का व्यवसाय करने वाले लोगों को नियमों को मानते हुए अपने दायरे में रहकर अपना व्यवसाय करना होगा। 

हर जिले में “प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस” 

सीएम मोहन यादव ने मीडिया के माध्यम से घोषणा करते हुए कहा कि “हर जिले के अंदर युवाओं के लिए एक एक्सीलेंस कॉलेज बनाया जाए जो सभी प्रकार की नई शिक्षा नीति के माध्यम से सभी पाठ्यक्रम की वह पढ़ाई वहां हो सके” 

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इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले को मिलकर लगभग 52 कॉलेज का निर्माण नए सत्र से किया जाएगा जिसमें छात्रों को सभी सुविधाएं के साथ बस सुविधा भी दी जाएगी और इन कॉलेजों का नाम “प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस” होगा। 

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