अब 1.41 लाख किसानों को मिल रही है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना राशि

देश में प्राकृतिक आपदाओं के कारण खेती में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार पीएम फसल बीमा योजना लागू कर रही है। यदि फसलों को प्राकृतिक आपदाओं या कीटों के कारण कोई नुकसान होता है, तो सरकार संबंधित कंपनियों को नुकसान की भरपाई करने का आदेश देती है। संबंधित बीमा कंपनी फसलों के नुकसान का आकलन करती है और प्रभावित किसानों को नुकसान का मुआवजा जारी करती है।

इसी कड़ी में देश के विभिन्न राज्यों के किसानों को जल्द ही फसल बीमा दावा राशि मिलने वाली है। बताया जा रहा है कि पीएम फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा का क्लेम दिसंबर माह में जारी किया जा सकता है। योजना के तहत मध्यप्रदेश में पहले ही फसल बीमा राशि जारी कर दी गई है और मीडिया रिपोर्ट की खबरों अनुसार हरियाणा में 1.41 लाख प्रभावित किसानों को दावा राशि जल्द ही जारी की जाएगी।

किन किसानों को मिलेगा मुआवजा

इस साल, हरियाणा में मॉनसून की भारी बारिश ने तबाही मचाई थी। अलग-अलग इलाकों में बारिश और बाढ़ से खेतों में रोपी गई धान की फसल एवं अन्य फसलों में किसानों को काफी नुकसान हुआ। राज्य में बाढ़ से लगभग 18 हजार एकड़ में लगी फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। कुल 12 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिनमें पंचकूला, अंबाला, करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत, सिरसा और यमुनानगर जिला को हरियाणा सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित घोषित किया गया है। सरकार ने इन जिलों में बाढ़ से प्रभावित किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा देने की घोषणा की है।

15 हजार रुपए प्रति एकड़ मुआवजा

प्रभावित किसानों को 15 हजार रुपए प्रति एकड़ का मुआवजा देने का ऐलान किया गया है। बाढ़ के कारण फसलें 100 प्रतिशत बर्बाद होने के कारण, राज्य सरकार द्वारा प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। हरियाणा में किसानों द्वारा बोई गई फसल और उत्पादन को एमएसपी पर बेचने के लिए मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर ब्यौरा देना होता है। इस पोर्टल पर किसानों को अपने आप को पंजीकृत करवाकर अपनी फसल का ब्यौरा दर्ज करना होता है।

ऐसा नहीं करने पर किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से फसल में नुकसान के लिए मुआवजा नहीं दिया जाता है। इसलिए जिन किसानों ने इस पोर्टल पर अभी तक फसल का ब्यौरा अपडेट नहीं किया है, तो वे तुरंत इस पोर्टल के माध्यम से अपनी फसल का ब्यौरा पंजीकृत करके अपनी फसल को सुरक्षित कर सकते हैं।

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसान अपनी बोई गई फसल का बीमा बुआई के 10 दिन के भीतर करा सकते हैं। इस योजना में फसली ऋण लेने वाले किसान, बटाईदार किसान और गैर ऋणी किसान आवेदन कर सकते हैं। बटाईदार किसानों को यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जिले में किसान जिस भूमि पर निवास करता है, उसी भूमि को क्षेत्र में बटाई के लिए मान्य किया जाएगा। इसके अलावा, खेती के लिए ऋण लेने वाले किसानों का फसल बीमा इस योजना के तहत संबंधित बैंकों द्वारा किया जाता है। वहीं अन्य किसानों को इस योजना के तहत अपनी फसल का बीमा कराना होगा।

फसल बीमा के लिए जरूरी दस्तावेज

  • किसान का जमीन की जमाबंदी
  • किसान का राशन कार्ड
  • किसान का आधार कार्ड
  • किसान का आधार से लिंक किए गए मोबाइल नंबर
  • किसान का बैंक खाते की पासबुक
  • किसान का पासपोर्ट साइज फोटो
  • किसान का मूल निवास प्रमाण पत्र
  • किसान का खेत के मालिक के साथ इकरार नामा की फोटो कॉपी
  • किसान का बोई गई फसल की जानकारी जैसे जरूरी दस्तावेज की आवश्यकता होगी।

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