बिजली काटकर बिलों की वसूली करेगी शिवराज सरकार, स्थगित किये गए बिलों की वसूली शुरू

नमस्कार दोस्तों मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं जहाँ पर भाजपा सरकार ने भारी बहुमतों से अपनी सरकार बना ली है जिसके बाद अब जनता सरकार से यह उम्मीद कर रही है कि वह अपने किये हुए वादे को पूरा करें और राज्य के विकास कार्यों को आगे बढ़ाएं परन्तु सरकार बनते ही शिवराज सरकार ने स्थगित किये गए बिलों की वसूली शुरू कर दी है जिसकी जानकारी कांग्रेस ने खुद अपने ट्विटर हैंडल में ट्वीट करके दी है। 

जैसा कि शिवराज सरकार ने चुनाव से पहले बहुत से बड़े बड़े किये थे जिनमें से एक बिजली बिल माफ़ और अधिक आये बिलों को स्थगित करने का ऐलान किया था परन्तु चुनाव के नतीजे आये अभी 10 दिन भी नहीं हुए और स्थगित किये गए बिलों की वसूली शुरू हो गई है। 

आपको बता दें कि मध्यप्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनियां एक किलोवाट वाले घरेलू उपभोक्ताओं के बकाये बिल से परेशान हैं इस श्रेणी में 69 लाख से अधिक उपभोक्ताों पर 4015 करोड़ रूपए बकाया हो गया है जबकि 30 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने पिछले तीन महीने यानि सितम्बर अक्टूबर और नवम्बर के बिल ही नहीं भरें हैं। 

प्रदेश में 1 केवी वाले 1 करोड़ उपभोक्ता

मध्यप्रदेश में 1 केवी वाले लगभग 1 करोड़ उपभोक्ता हैं और इनमें से 30 लाख लोगों ने सितम्बर माह से बिल ही नहीं भरा है जिसकी राशि कुल 3796 करोड़ रुपये बिल बकाया राशि है। 

ट्रांसफार्मर से बंद की जायगी सप्लाई 

सरकार इस मामले में और सख्त होते हुए जिन उपभोक्ताओं ने बिल का भुगतान नहीं किया है उनका अब ट्रांसफार्मर से सप्लाई बंद की किया जायगा। ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे का कहना है कि जो उपभोक्ता बिजली का उपयोग करेंगे उनको बिल का भुगतान तो करना ही होगा और अगर ऐसा नहीं होता है तो अब सीधा ट्रांसफार्मर से सप्लाई बंद किया जायगा। 

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने कोरोना काल में और इसी साल 31 अगस्त 2023 तक बिल स्थगित करने का निर्णय लिया था न कि बकाया बिल माफ़ किया गया था लेकिन उन उपभोक्तओं ने अगले तीन महीने के भी बिल भुगतान नहीं किये हैं। 

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