विलन बनी लाडली बहना योजना प्रदेश के 6 लाख ओबीसी छात्रों की 482 करोड़ की स्कॉलरशिप अटकी

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाली लाडली बहना योजना के कारण प्रदेश के युवाओं का भविष्य अंधकार में जाता दिखाई दे रहा है। बता दें कि प्रदेश के तकरीबन 6 लाख OBC छात्रों की 482 करोड रुपए की स्कॉलरशिप लाडली बहना योजना के चलते रुकी पड़ी है। इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों की फीस के साथ-साथ ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रैजुएट स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप का पैसा भी इसी में शामिल है। 482 करोड रुपए की इस राशि में स्टूडेंट्स के हॉस्टल और गैर हॉस्टल का किराया भी जुड़ा हुआ है। 

प्रदेश की महत्वाकांक्षी लाडली बहना योजना ने राज्य सरकार का सारा का सारा बजट बिगाड़ के रख दिया है। सरकार को इस योजना को चलने के लिए हर बार करोड़ों का कर्ज RBI से लेना पड़ता है, जिस वजह से सरकार दिन प्रतिदिन कई हजार करोड़ के कर्ज तले डूबती चली जा रही है। प्रदेश की लाडली बहना लाभार्थियों को तो प्रतिमाह योजना की राशि प्राप्त हो जा रही है लेकिन उसकी वजह से प्रदेश की कई विभागों के बजट में अड़ंगा लग गया है। 

6 लाख OBC स्कॉलरशिप रुकी  

प्रदेश के 6 लाख से भी अधिक ओबीसी छात्रों की स्कॉलरशिप का पैसा रुक गया है। बता दें कि यह राशि 482 करोड रुपए की है जिसमें मेडिकल और इंजीनियरिंग के छात्रों की 30-35 हजार रुपए से लेकर 10 लख रुपए तक की फीस और स्कॉलरशिप शामिल है। इसके अतिरिक्त इसमें ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रैजुएट स्टूडेंट्स को मिलने वाला पैसा और हॉस्टल में रहने का किराया भी शामिल है, जो छात्रों को नहीं मिल पा रहा है। 

नोट शीट लिखने के बाद भी नहीं मिल रहा पैसा  

वही पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारियों से मिली सूचना के बाद यह पता चला कि विभागीय अधिकारियों की वित्त विभाग से बातचीत हुई। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वित्त विभाग को लगातार तकाजा करने और नोट शीट लिखने के बाद भी पैसा नहीं डाला गया। इसके साथ ही अधिकारियों ने बताया कि 6 फरवरी मंगलवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री कृष्णा गौर ने अपर सचिव अजीत केसरी सहित अन्य अधिकारियों के साथ पैसा रिलीज करने के मुद्दे को लेकर बैठक की जिसमें पैसा जल्द से जल्द रिलीज करने की बात कही गई। 

हॉस्टल में रहने का किराया भी रुका  

मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को प्रदेश सरकार की तरफ से हॉस्टल में रहने के लिए या किसी किराए के मकान में रहने के लिए किराया राशि दी जाती है। मेडिकल और इंजीनियरिंग के छात्रों को 850 रुपए हॉस्टल किराया और 380 रुपए गैर हॉस्टल कराया मिलता है। वहीं डिप्लोमा के छात्रों की 450 रूपये और 230 रुपए, Ba/BSC/BCOM के छात्रों को 400 रुपए और 230 रुपए महीना किराया मिलता है। जो कि छात्रों को अभी तक नहीं मिला संभावना है कि सरकार यह पैसा जल्दी रिलीज करें। 

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