CPC,CTR,CPM,PPC,SEM क्या हैं ..🤔🤔आइये जानते हैं

अगर आप Blogging कि दुनिया मे हैं तो आपने CPC,CTR,CPM,PPC,SEM इन सभी का नाम तो एक बार सुना ही होगा because ये सभी blogging कि दुनिया मे काफी importent factor हैं। तो आज हम इनके बारे मे ही बात करने वाले हैं कि आखिर इन सभी का role क्या है ये क्यों इतना importent हैं आइए इनके बारे मे detail मे जानते हैं – 

SEO क्या होता है?

इसका पूरा नाम (Search Engine Optimization) है। इसका सीधा सा यह मतलब है कि अपने ब्लॉग पोस्ट को इस तरह से optimize करना, जिससे हम उसे हम रैंक करा सके और अपने ब्लॉग पोस्ट मे free traffic ला सके । SEO कि अगर बात करे तो इसका सीधा intent सर्च इंजन से होता है जहां पर सभी ब्लॉगर चाहते हैं कि उनका ब्लॉग पोस्ट रैंक हो क्योंकि यूजर हमेशा पहले पेज वाली वेबसाईट पर ही जाना पसंद करते हैं ताकि उनका टाइम सेव हो और उनका सही information जल्दी मिल जाय। 

SEO के प्रकार 

On-Page SEO 

On-Page SEO हम wordpress मे plugin के माध्यम से करते हैं जैसे कि – Yoast SEO, Rank Math, etc. इसके according हम पोस्ट का Title, Keyword, Link, Image, Metatag, Internal and Outbound Link आदि ये सारी importent factor जो हमारे ब्लॉग पोस्ट को रैंक होने मे मदद करते हैं इसलिए यह On-Page SEO काफी importent हो जाता है । 

Off-Page SEO 

Off-Page SEO यह हम किसी blog पोस्ट के publish करने  के बाद उसे सभी social मीडिया platform यानि youtube, instagram, linkdin, facebook, या अदर किसी भी जगह पर हम अपने blog post (वेबसाईट) को mention या pramote करते हैं तो वह Off-Page SEO कहलाता है इससे हम ज्यादा से ज्यादा traffic ला सकते हैं ।


SEM क्या है?

इसका पूरा नाम (Search Engine Marketing) है।  SEM मतलब आपके वेबसाईट मे आने वाला ट्राफिक paid ट्राफिक कहलाएगा और जो आप SEO करके ट्राफिक लाएंगे वह free ट्राफिक कहलाता है।   आपने Facebook ad, youtube ad के बारे  मे तो सुना ही होगा और देखा भी होगा कि किस तरह कंपनी अपनी reach बढ़ाने के लिए advertise का use करती है, इसी तरह से किसी वेबसाईट का ad चलाने के लिए Search Engine Marketing का use करते है इसकी मदद से आप बिना किसी domain authority, backlink के रैंक कर सकते हैं

SEM क्या है

 

वैसे ये हर किसी के लिए सही नहीं होता अगर आपकी कोई कंपनी है या कोई product है जिसे आप sell करना चाहते हैं तो आप SEM कर सकते हैं । एक example देखते हैं – 

Ads के नाम 

CPC क्या है?

इसका का पूरा नाम (Cost Per Click) है। ये एक प्रकार का ad payment option होता है जो की publisher को pay करता है जब कोई customer किसी ad links पर click करे या फिर  किसी कंपनी / advertiser  के offer पर click करता है ।  CPC एक प्रकार का internet-marketing formula भी है जिसका use  banner ads की price को निर्धारित करने के लिए किया जाता है ।  कुछ advertisers इस बात के लए भी publishers को pay करते है की उनके banner ads को कितने बार click कया गया।

CPM क्या है?

 इसका पूरा नाम (Cost Per Mile) है । यहाँ m = 1000 है । इसे (Cost Per Thousand) भी कहते हैं । CPM  के according  आप कसी particular banner/link ads में जितने भी impression होते है उसी हीसाब से  आप charge कर सकते है। Online Advertising  में  ये cost per thousand page impressions को refer करता है। मे आपको बताना चाहूँगा कि सभी  Ad Networks, जैसे Google AdSense, Adsterra, Adcash ये सभी  किसी  website के ad revenue को calculate करने के लिए CPM का ही इस्तेमाल करते है।

CPS क्या है?

 इसका पूरा नाम (Cost per Sale) है। यह बहुत ही अच्छा और famous online marketing method है यदि हम अभी के समय की बात करें तब ये दोनों publisher और advertiser के लिए ही उपयोगी होता है ।
because  इसमें आपको प्रत्येक successful sale में एक commission प्राप्त होता है । आपको बताना चाहूँगा कि जितने भी  affiliate programe होते हैं वह  इसी ‘Cost per sale’ model के ऊपर ही आधारित होते हैं । 

PPC क्या है?

इसका पूरा नाम (Pay per click) है। यह एक ऐसा model है जिसका इस्तमाल paid marketing में किया जाता है जो उन्हें  आसान तरीके से advertisement में. investment के flow को चलाने में मदद करता है । Google को CPC के हिसाब से न pay कर,  PPC की मदद से आपको केवल तभी pay करना होता है जब कोई ad पर click करता है और कोई perform करता है या कुछ action लेता है । और वह payment advertiser के द्वारा set किया गया होता है। 

CTR क्या है?

इसका पूरा नाम (Click Through Rate) है । यह  उस percentage को refer करता  है, जिसमें की इसे पाने के लिए number of users जिन्होंने Website page के ads पर click किया हो उसे divide किया जाता है number of times वह ad pages में delivered (impressions) हुए ।

Example – अगर एक banner ad मे करीब 100 times (100 impressions) deliver हुआ और एक person ने उसमें click भी किया (जिसमें की clicks को record किया गया), तब जो resulting CTR 1%  होगा और इसे display 1.0 से  किया जायेगा । 

यह बहुत ही usefull है क्योंकि इससे  हमे यह पता चलता है की कितने % users जो की engage या view करते हैं web page को और वो जो web page में स्तिथ किसी particular ad को click करते हैं । इस method का use किसी ad के success को analyze करने के लिए भी किया जाता है। एक high-click through rate से website owner को ये पता चलता है कि कोन सी ads पर ज्यादा click आ रहे हैं। 

CPL क्या है?

इसका पूरा नाम (Cost per Lead) है।  यह सबसे अलग online advertising option है ,जिसको  organization के लिए use करते हैं  जो  इस बात के ऊपर ज्यादा depend होता है की उनके द्वारा invest किये गए money पर उन्हे  कितना  lead generate होगा। इस प्रकार के marketing option में जब user किसी advertisement banner पर click करता है तो वह target site पर redirect हो जाता है , और उसे वहां पर एक form fill करने का option आता है  कोई subscription को perform करने के लिए कहा जाता है. जैसे की वो user उस action को perform कर लेता है, तब lead generate हो जाता है। 

 

ज्ञान कि बात with BloggingYukti😉😉 

अगर आपने observe किया हो तो अच्छी बात है पर मे यहाँ कुछ बताना चाहूँगा कि Online advertisement का ये पूरा process 3 part मे होता है –

Content Creater – ये Internet में  content create करते है। जो ब्लॉगर या youtuber होते हैं। यह कंटेन्ट video  या text दोनों मे हो सकता है । 

Advertisers – अपने business को promote करने के लिए or अपने ads को display करने के लिए इन Creators के site या channels का use करते है , ये असल में business owners होते है । 

Advertising Agencies – जैसे कि (Google Adwords) यह दोनो Creators और Advertisers को मिलाने का काम करता है जिससे  Advertisers का ads को सही publishers के माध्यम से targeted users तक reach  करा सके जिससे सभी का benefit हो । 

इसे पढ़ना न भूले 🧐 –

👉  Google Algorithm All Updates

👉  Domain Name कैसे होना चाहिए 

Spread the love

Leave a Comment